यू सहज सहज कर चलना वो कहती है हर कदम पर मुझ को संभल - संभल कर चलना है| वो कहती है हर हाल में मुझ को, दिए की तरह जलना हैं| घनघोर घटाओ में भी मैंने, आगे बढ़ना सीखा है| यूं सहज सहज कर चलना मैंने, माँ🙏 से ही तो सीखा है|